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ना जाने क्या बात थी उनमे...

सारी उम्र आँखों में एक सपना याद रहा,
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा,
ना जाने क्या बात थी उनमे और हम में,
सारी महफ़िल भूल गए बस वो चेहरा याद रहा।

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Nitu Kumari 27 November 2016 at 5:42 PM  

wow very nic..post..
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